मेरी शोहरत का अधूरा हिस्सा हो तुम,
मेरी कामयाबी वाले रास्तों का किस्सा हो तुम।
मेरी कामयाबी की हर नयी कहानी हो तुम,
क्या-क्या मुझपे बीता था हर वो पुरानी निशानी हो तुम।
आँखों के अश्कं, चेहरे की खुशी मेरी कहानी का हर बीता नग्मां हो तुम।
छूटे ना कभी जो हाथों से मेरे वो लम्हा हो तुम।
मेरी शोहरत का अधूरा हिस्सा हो तुम।।
~पूजा मिश्रा
Wednesday, 29 March 2017
मेरा हिस्सा
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
कुम्भ की विशेषतायें
वैसे तो समाज ने किन्नरों को कभी भी सामान अधिकार और समाज में उठने बैठने के लिए इज़ाज़त नहीं दी हैं , लेकिन प्रयागराज ...
-
Bhut kuch zinda hai ab bhi Bhut kuch bacha hai ab bhi Abhi to wo raat bhi na beeti meri Abhi kaha meri shaam aayi Abhi kaha teri rangat mere...
-
आज एक शक्श एक तस्वीर लाया था लिफ़ाफ़े में लिपटी हुई मेरी तकदीर लाया था कह रहा था मे किसी आँगन की सोभा बनूँगी उस तस्वीर से मेरी तकदीर ज...
No comments:
Post a Comment