Wednesday, 29 March 2017

मेरा हिस्सा

मेरी शोहरत का अधूरा हिस्सा हो तुम,
मेरी कामयाबी वाले रास्तों का किस्सा हो तुम।
मेरी कामयाबी की हर नयी कहानी हो तुम,
क्या-क्या मुझपे बीता था हर वो पुरानी निशानी हो तुम।
आँखों के अश्कं, चेहरे की खुशी मेरी कहानी का हर बीता नग्मां हो तुम।
छूटे ना कभी जो हाथों से मेरे वो लम्हा हो तुम।
मेरी शोहरत का अधूरा हिस्सा हो तुम।।
                    ~पूजा मिश्रा

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