Thursday, 11 August 2016

अनचाहा

तुझसे नहीं जीती मैं खुद से हार गयी हूँ।।
अब तुझसे कहूँ भी तो क्या
एेसा लगता हैं सारी दुनिया को जान गयी हूँ।।
   ~पूजा मिश्रा

कुम्भ की विशेषतायें

वैसे तो समाज ने किन्नरों को कभी भी सामान अधिकार और समाज में उठने बैठने के लिए इज़ाज़त नहीं दी हैं ,   लेकिन प्रयागराज ...