Thursday, 30 March 2017

जरूरत

देर लगीं पर तुम लौटी जरूर फिर मालूम पड़ा लगता है आज फिर से तुम्हे कोई जरूरत आन पड़ी हैं।।

Wednesday, 29 March 2017

मेरा हिस्सा

मेरी शोहरत का अधूरा हिस्सा हो तुम,
मेरी कामयाबी वाले रास्तों का किस्सा हो तुम।
मेरी कामयाबी की हर नयी कहानी हो तुम,
क्या-क्या मुझपे बीता था हर वो पुरानी निशानी हो तुम।
आँखों के अश्कं, चेहरे की खुशी मेरी कहानी का हर बीता नग्मां हो तुम।
छूटे ना कभी जो हाथों से मेरे वो लम्हा हो तुम।
मेरी शोहरत का अधूरा हिस्सा हो तुम।।
                    ~पूजा मिश्रा

Sunday, 26 March 2017

तेरी कशिश


हर रोज दिए सी जलती हूँ।
  मोम बन कर पिघहलती हूँ।।
तेरे साए के आशिआने मे पलती हूँ।
ये तेरी तपिश है,, हर रोज सौ दफा मैं मरती हूँ।।
         ~पूजा मिश्रा

"TUM"

mere jhakmo par teri yaade namak si lagti hai ab to teri berukhi waali baate bhi apne liye sabak si lagti hai.
             ~pooja mishra

Saturday, 4 March 2017

Ankahi

Sambhalna chahti hu to har dfa saamne aa jaate ho. Saath chalna chahti hu to waapas laut jaate ho.

            ~pooja mishra

कुम्भ की विशेषतायें

वैसे तो समाज ने किन्नरों को कभी भी सामान अधिकार और समाज में उठने बैठने के लिए इज़ाज़त नहीं दी हैं ,   लेकिन प्रयागराज ...