आज एक शक्श एक तस्वीर लाया था
लिफ़ाफ़े में लिपटी हुई मेरी तकदीर लाया था
कह रहा था मे किसी आँगन की सोभा बनूँगी
उस तस्वीर से मेरी तकदीर जुड़ेगी
मे चहु या न चाहू फर्क नही पड़ता
उस तस्वीर के संग मेरी डोली सजेगी
एक अजनबी शक्श की तस्वीर मेरी किस्मत बनेगी..
लिफ़ाफ़े में लिपटी हुई मेरी तकदीर लाया था
कह रहा था मे किसी आँगन की सोभा बनूँगी
उस तस्वीर से मेरी तकदीर जुड़ेगी
मे चहु या न चाहू फर्क नही पड़ता
उस तस्वीर के संग मेरी डोली सजेगी
एक अजनबी शक्श की तस्वीर मेरी किस्मत बनेगी..