Tuesday, 31 January 2017

ठिकाना

जिस गली तेरा आना जाना है ,,
वहीं मेरा आखिरी ठिकाना है।
फिर भी कभी हम तुम्हें ना मिल पाए तो ,,
अपने दिल मे झाकं लेना।

कहते है सभी बस वहीं मेरा आखिरी आशियाना है।।




Friday, 27 January 2017

तडपन

तरसी हूँ मैं जितना ।

तड़पोगे तुम भी उतना।।

बिखरी हूँ मैं जितना।टूटोगे तुम भी उतना।।


~पूजा मिश्रा

Thursday, 26 January 2017

अचानक

मौसम से बदल जाते सब,दो पल हवा सा कोई ठहरे तो।।
~पूजा मिश्रा

कुम्भ की विशेषतायें

वैसे तो समाज ने किन्नरों को कभी भी सामान अधिकार और समाज में उठने बैठने के लिए इज़ाज़त नहीं दी हैं ,   लेकिन प्रयागराज ...