In search of peace
चंद लम्हो मे हम सिमट गये थे,
तुम इजहार से मुखर गये थे,
मै इंतजार से मुखर गयी थी
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वैसे तो समाज ने किन्नरों को कभी भी सामान अधिकार और समाज में उठने बैठने के लिए इज़ाज़त नहीं दी हैं , लेकिन प्रयागराज ...
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